देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है और इसके साथ ही राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में पहुंचा था, जबकि बुधवार तक इसका प्रभाव पूरे उत्तराखंड में फैल गया। इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
इन 5 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
चार जिलों के लिए येलो अलर्ट
वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने इन इलाकों में भी विशेष निगरानी और एहतियाती उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
कई शहरों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। देहरादून में 56 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 52.5 मिलीमीटर, लक्सर में 49 मिलीमीटर और मसूरी में 43 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, हल्द्वानी, पौड़ी, भीमताल, कीर्तिनगर और खानपुर में भी अच्छी वर्षा हुई।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। देहरादून में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग छह डिग्री कम है। वहीं पंतनगर में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलाधिकारियों को संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने प्रदेशवासियों और यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
